आदरणीय बन्धुओ !
भारतीय संस्कृति में संन्यास आश्रम को अत्यन्त आदरणीय स्थान प्राप्त है। संन्यासी परिव्राजक-परम्परा में चातुर्मास्य के चार पक्षों में एक स्थान पर रहकर उस क्षेत्र के समस्त सनातनधर्मियों को अपने दर्शन, पूजन, भिक्षा-वन्दन, जिज्ञासा-समाधान व प्रवचन आदि के द्वारा लाभान्वित करते हैं।
यह अत्यन्त सौभाग्य का अवसर है कि 'परमाराध्य' परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती '१००८' का २४ वाँ चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान आगामी संवत् २०८३ आषाढ़ गुरु पूर्णिमा से भाद्रपद पूर्णिमा तदनुसार दिनाङ्क 29 जुलाई से 26 सितम्बर 2026 ई. पर्यन्त आयोजित हो रहा है।
विशेष : इस अन्तराल में अनेक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। साथ ही, पूरे श्रवण मास में आयोजित निःशुल्क रुद्राभिषेक में श्रद्धालु स्वयं उपस्थित होकर अपने एवं अपने परिवार के नाम से रुद्राभिषेक कराने का पुण्य-लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आप सभी से अनुरोध है कि उक्त अवसर पर पधारकर धर्म-लाभ एवं पुण्य-लाभ अर्जित करें।

ॐ नमः शिवाय
सवा लाख शिवलिंग
प्रमुख धार्मिक आयोजन
चातुर्मास्य के पावन अवसर पर समस्त अनुष्ठान
नित्य पंचदेवोपसना
प्रातः 4:30
श्री गणेश पूजन
प्रातः 6:45
श्री सूर्य पूजन
पूर्वाह्न 9:45
श्री विष्णु पूजन
अपराह्न 3:45
श्री शिव पूजन
सायं 6:45
श्री शक्ति पूजन
आयोजन स्थल
सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा,
जिला-बेमेतरा (छत्तीसगढ़)

